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Thursday, 12 March 2020

घरेलू उपचार द्वारा यौन रोगो का निवारण कैसे करे एवं वीर्य कैसे बढ़ाएं

वीर्य कैसे बढ़ाएं
सुबह नाश्ता में केला, 10 ग्राम देसी घी के साथ खाकर ऊपर से दूध पिए। दोपहर के बाद दो केले, आधा खजूर, एक चम्मच देसी घी खाकर ऊपर से दूध पिए। आपके वीर्य में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। दूध में शहद में मिलाकर पीने से वीर्य बढ़ता है

शुक्राणु कैसे बढ़ाए?
दूध वाले रोज दूध में उबालकर खाएं और दूध पीना शुक्राणुओं की संख्या अपने आप बढ़ने लगेगी।



मर्दाना शक्ति कैसे बढ़ाएं?
गर्म दूध में एक चम्मच घी मिलाकर रोज सोते समय 2-3 महीने तक पिए कुछ समय बाद प्रभाव अपने आप सामने दिखेगा।

दूध द्वारा यौनेच्छा को हम कैसे बढ़ाएं?
3 माह तक लगातार रात्रि को दूध पीने से यौनेच्छा  के साथ  काम क्रिया  की अवधि में भी वृद्धि होती है। 25 से 45 वर्ष के आयु के स्त्री पुरुषों केे लिए यह विधि काफी लाभदायक होगी।यौन एवं रति रोग विशेषज्ञ  डॉ वीरेंद्र सिंह के परीक्षण के अनुुुसार वह इस नतीजे पर पहुंचे हैं पूर्ण रूप से स्वस्थ किंतु ठन्डेपन के शिकार अनेक जोड़ों को दूध सेवन के उपरांत यौन क्रिया के प्रति अति उत्साही पाया। इस नतीजे पर पहुंचे हैंं कि  दुुध पीना न केवल साथ शारिरिक दुर्बलता बल्कि योन संबंधी दुर्बलता के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।

Saturday, 7 March 2020

नेत्र रोग को दूर करने के लिए आंखों का व्यायाम कैसे करें?

नमस्कार दोस्तों! प्राकतिक चिकित्सा द्वारा आंखों की देखभाल कैसे करें। आँखों के रोग कैसे दूर करें। आँखों से चश्मा कैसे हटाये। इस बारे में हम इस लेख में बात करेंगे।

How-To-Remove-Spectacles-From-Your-Eyes?

ईश्वर ने हमें शरीर में जितने भी अंग दिए हैं उनमें सबसे खूबसूरत अंग है हमारी आंखें,  जो कि हमारे चेहरे को भी खूबसूरत बनाती हैं लेकिन अगर इन आंखों पर चश्मा लगा हो या किसी तरह की कोई बीमारी हो तो यह आपकी खूबसूरती को बर्बाद कर देता है। तो क्यों ना हम इस ईश्वर के दिए गए वरदान को  बनाए रखें  और उसकी देखभाल करें। जिससे हमारे चेहरे की खूबसूरती हमेशा बनी रहे।



प्राकतिक चिकित्सा द्वारा आंखों की देखभाल कैसे करें?
आँखों के रोग कैसे दूर करें? आँखों से चश्मा कैसे हटाये?

दोस्तों नेत्र रोग को आप नेत्र व्यायाम के द्वारा भी ठीक कर सकते हैं घर से सुबह बाहर जाने के समय और शाम को वापस आने पर ठंडे पानी को मुंह भरकर ठंडे पानी से दोनों आंखों पर पानी के छींटे मारें और धीरे-धीरे मालिश करें।

कभी भी पीठ को हल्का झुका हुआ न रखें।मोटरसाइकिल पर बैठे हों या बाइक चला रहे हो या कहीं पर भी बैठे हो या खड़े हों या चल रहे हों आप हमेशा पीठ की हड्डी को सीधा रखें।
पढ़ाई करते समय, थिएटर में या टीवी देखते समय पलके बार-बार झपकाने से आँखों का अच्छा व्यायाम होता है।



इसके अलावा कंप्यूटर पर काम कर रहे हैं पढ़ते समय या ऑफिस में काम करते समय या क्लास में  अगर आपकी आंखें थक जाती हैं थोड़ा आराम करना चाहते हैं तो आंखों पर हथेली रखकर आराम करें जैसे आंखों की  अच्छी एक्सरसाइज हो जाती है।

हरे रंग की बोतल में पानी भरकर सूर्य की धूप में हल्का गर्म होने दें उसके बाद आंखों की पलकों(eye cup) में डालकर 5 से 6 बार आंखें बंद करें और खोलें। इसके अलावा आप सूर्य को देखें और सूर्य नमस्कार करें ऐसा करने से आंखों में तमाम तरह के रोग दूर होते हैं और आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।

पूर्णवासी को चंद्रमा को 15 मिनट तक देखें जिससे आंखों के तमाम तरह पुराने से पुराने रोग दूर हो जाते हैं।

How-To-Remove-Spectacles-By-Walking?


सुबह सुबह हरी घास पर जिसपर ओस की बूंदें जमा हो जाती है नंगे पांव टहलने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।

गर्दन सीधी रखते हुए धीरे-धीरे दांयी ओर और  फिर बायीं ओर करें उसके बाद गर्दन को आगे फिर पीछे की ओर झुकें। आंखों की पुतलियां को दायी तरफ और फिर बायी तरफ करिए फिर एकदम नीचे धरती की ओर उसके बाद दोनों आंखों के बीच में और नाक के ऊपर ऊपर माथे के नीचे द सेंटर पॉइंट होता है वहां पर देखने की कोशिश करें।

इसीप्रकार आँखों की पुतलियों दायें से बाएं और बाएं से दायें गोल गोल घुमाएं। और फिर पुतलियों को ऊपर से नीचे फिर तिरछे कानों की ओर देखिए।

How-To-Take-Care-Your-Eyesight?


रोज सुबह सूरज के सामने बैठकर या दोनो पैरों के बीच 1 फुट की दूरी रखकर खड़े होकर आंखें बंद करके दाएं बाएं बाएं से दायें घड़ी के पेंडुलम की तरह घूमे।

कानों, कनपटी, गर्दन, गाल, भोहों, सिर एवं पाँव आदि पर मालिश करने से नेत्र के तमाम तरह के रोग दूर हो जाते हैं। भोजन के बाद जब आप हाथ धुले तो गीले हाथों को आपस मे मलकर फिर अपनी आंखों पर मलने से तमाम तरह के आंखों के रोग दूर हो जाते हैं।

किसी भी जानकारी को अपने जीवन में उपयोग करने से पहले एक बार चिकित्सक की सलाह अवश्य लें यह जानकारी शिक्षा की दृष्टि से  आपको दी गई है। यह जानकारी  ऑनलाइन  अथवा ऑफलाइन  सोर्सेस पर  आधारित है,धन्यवाद।


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नेत्र रोग और नेत्र रोग को दूर करने के उपाय तथा आंखों से चश्मा कैसे उतारे

नमस्कार दोस्तों आंखें हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं यह ईश्वर का दिया हुआ वह वरदान है  जिसके बिना हमारा जीवन अधूरा है अगर किसी वजह से हम इसे गंवा दें या फिर इसकी सही देखभाल नहीं कर पाते हैं तो हमारा बाकी जीवन व्यर्थ हो जाता है या अंधेरे में चला जाता है। तो जब इतनी कीमती हैं हमारी आंखें तो क्यों ना हम इसकी देखभाल अच्छे से करें और इसका बेहतर ख्याल रखे हैजैसे अपनी सभी कीमती चीजों का बेहतर खयाल रखते हैं।



आंखों की रोशनी हम कैसे बढ़ाए 

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए हम बादाम, चने का साग गाजर का रस या पालक का रस पी सकते हैं जो हमारे शरीर को काफी सहायता प्रदान करेंगे। भोजन के बाद लघु शंका करके पानी से आंखों पर छीटें मारना आंखों के लिए बहुत लाभदायक होता है रोजाना आवला खाएं और उसके पानी से आंखों को धोएं। रोज सुबह हरी घास पर चलें। नींबू का रस अथवा त्रिफला से आंखे धोने पर अगर आपकी आंखों में मोतियाबिंद की शुरुआत हो रही है तो वह पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

आँख आने पर आप इसका इलाज कैसे करें

तीन-चार दिन का फलाहार, साथ में एक दो बार अनिमा और दो बार आंखों तथा पेट पर गीली मिट्टी की पट्टी करें। त्रिफला के पानी से आंखें धोए। दिन में चार-पांच बार लोशन डालें जिससे आपकी आंख आना बंद हो जाएगी।

How to remove disease from our eyes, desi solution for our eyes.


आंखों के लिए लोशन कैसे बनाएं?

आंखों के लिए लोशन बनाने के लिए आप 10 ग्राम गुलाब जल ले और उसमें 10 ताजे नींबू का रस और शहद की 10 बूंदें डालें और इन तीनों को अच्छी तरह मिलाकर कांच की शीशी में रख लें इसे 5 से 6 बूंदे दिन में तीन बार ड्रापर से डालें जिससे आंखों की रोशनी बढ़ेगी। हर 3 दिन के बाद एक नया लोशन बनाकर कांच की शीशी में रखें और उसका इस्तेमाल करें। जिससे आपकी आंखों में काफी प्रभाव देखने को मिलेगा आंखों की रोशनी बढ़ने लगेगी

How to take care your eyes. How to remove spectacles from your eyes.


आंखों में जलन आंखों में दर्द

दोस्तों अगर आपकी आंखों में जलन हो या दर्द हो रही हो तो कच्चे आलू को छीलकर उसे पीसकर उसकी टिकिया बनाकर आंखों पर बांधे। आंवले का रस निकालकर उसे छानकर  उसकी तीन-चार बूंदे आंखों में डालने से आंखों का दर्द सही हो जाता है।

रतोंधी रोग कैसे दूर करें

प्याज का रस या अदरक का रस आंखों में टपकाएं या फिर रात को सोते समय शहद को काजल की तरह आंखों में लगाने से रतोंधी रोग में काफी फायदा मिलेगा।

इसके अलावा आपको किसी भी तरह का कोई भी नेत्र रोग हो तो आप प्रतिदिन सुबह गाय के ताज़े मूत्र की 2-3 बूंदे चालीस दिनों  तक अपनी आंखों में डालें। जिससे आपकी आंखों का दर्द, खुजली एवं अन्य कई तरह के रोग दूर हो सकते हैं। आँखों से चश्मा भी हट सकता है। दोस्तों नेत्र रोग में नमक मना होता है।

दोस्तों  नेत्र रोग को दूर करने का देसी इलाज इस लेख में है लेकिन किसी भी जानकारी को अपने जीवन में उपयोग करने से पहले एक बार चिकित्सक की सलाह अवश्य लें यह जानकारी शिक्षा की दृष्टि से  आपको दी गई है। यह जानकारी  ऑनलाइन  अथवा ऑफलाइन  सोर्सेस पर  आधारित है,धन्यवाद।

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Monday, 9 July 2018

पानी का सही इस्तेमाल करके स्वयं को स्वस्थ कैसे बनायें?

पानी कब पियें? पानी कब न पीयें? पानी कितना पीना चाहिए? पानी कब अधिक पीये? पानी कैसे पीयें? पानी को शुद्ध करने का आसान तरीका क्या है? आईये इस लेख में जाने और पानी द्वारा प्राकृतिक चिकित्सा का लाभ उठायें।
Learn how water can help us to be healthy.


मनुष्य के शरीर में लगभग 75% पानी है। हमारे शरीर मे हरदिन लगभग 2600 ग्राम पानी खर्च होता है। गुर्दे से 1500 ग्राम, त्वचा से 650 ग्राम, फेफड़ो से 320 ग्राम और मल मार्ग से 130 ग्राम, जिसकी पूर्ति भोजन में रहने वाले जल से होती है। शरीर मे पानी का संतुलन बनाये रखने के लिए हरदिन कम से कम 2.5 लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए। पानी कभी एक साथ नही पीना चाहिए। पानी हमेशा धीरे और घूँट-घूँट पीना चाहिए। जिससे पानी शरीर के तापमान के अनुसार पेट मे पहुंचे।

Learn how much water we need to drink.



पानी को शुद्ध करने का आसान तरीका:
पानी को शुद्ध बनाये रखने के लिए उसमे तुलसी के पत्ते डालकर रखें। तुलसी में बहुत से ऐसे गुण होते हैं जो पानी को शुद्ध बनाये रखने में मदद करता है।

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पानी कब पियें?
भोजन से पहले पानी पीने से पाचन शक्ति कम हो जाती है, शरीर पतला हो जाता है। भोजन के बीच मे 5-6 घूँट पानी पीने से भोजन जल्दी पचता है। भोजन के तुरंत बाद पानी पीने से शरीर फूलने लगता है जिससे मोटापा होने की संभावना ज्यादा हो जाती है। शरीर मे पाचन क्रिया और शक्ति कम हो जाती है। भोजन के एक घंटे बाद पानी पीने से अमाशय को शक्ति मिलती है। जिन्हें दस्त ज्यादा आते हैं उन्हें भोजन करते समय पानी नही पीना चाहिए।

पानी कब न पीयें?
गर्म भोजन, खीरा, खरबूजा, ककड़ी खाने के बाद, सोकर उठने के तुरंत बाद चाहे दिन हो या रात, दस्त हो जाने के बाद, दूध या चाय लेने के बाद, धूप से आने के तुरंत बाद पानी नही पीना चाहिए।

पानी कितना पीना चाहिए?
हमे कम से कम आठ लीटर पानी पीना चाहिए। डॉक्टरों के मुताबिक अगर आप पानी पीने की सही मात्रा जानना चाहते हैं तो अपने शरीर के वजन को 0.55 से गुणा करने पर जो भी माप आएगी पानी की वही मात्रा आपके लिए अच्छी है। अगर आप शारिरिक मेहनत ज्यादा करते हैं तो 0.66 से गुणा करने पर आए मापदंड का पानी आपके लिए अच्छा है।बीमारी के समय भी पानी पीना चाहिए। जिससे आपके शरीर मे ठंडक पहुंचे और शरीर के सभी सिस्टम सही काम करे।

पानी कब अधिक पीये?
हाई ब्लड प्रेशर, लू लगने पर, पेशाब की बीमारी, बुखार, हृदय की धड़कन, कब्ज, पेट की जलन जैसे रोगों में पानी अधिक पीये।



पानी कैसे पीयें?

ग्लास त बर्तन को मुंह से लगाकर ही पानी पीना चाहिए। ऊपर से सीधा मुंह मे डालना पानी पीने का सही तरीका नही है इससे पेट मे बीमारियों की संभावना बनी रहती है। बिना मुंह लगाए ऊपर से पानी पीने से पेट मे मुंह से लेकर गुदा द्वार तक के आहार नली में वायुदोष मतलब गैस बनती है और वायु ऊपर उठकर बद हजमी, खट्टी डकार, अपच, जी मचलाने जैसी बीमारियां हो जाती हैं। ग्लास को मुंह से लगाकर पानी को हमेशा घूँट घूँट कर ही पीना चाहिए जिससे अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है।

How warm water will help us to improve our health.


गर्म पानी के लाभ

मोटापा घटाने, गैस, कब्ज, कोलाइटिस, एमोबायेसिस, कृमि, पसली का दर्द, जुखाम, गले के रोग, नया बुखार, खाँसी, हिचकी, चिकनी चीज़े, खाना खाने के बाद एक ग्लास गर्म पानी( जितना गर्म पी सके) लगातार पीते रहने से यह सभी रोग ठीक हो जाते हैं।

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सुबह लगभग आधा लीटर चाय जैसे गर्म पानी पीने खांसी, छींके, सरदर्द, बद हजमी,  जैसे रोगों से व्यक्ति सदा दूर रहता है। यदि गर्म पानी मे आधा नींबू का रस डाल दिया जाए तो समय पर भूख लगेगी। पेट मे गैस और सड़न भी नही होती।

मौसम बदलने पर गर्म पानी का सेवन और परहेजी खाना सबसे अच्छा उपचार है। छोटे बच्चों को गर्म पानी से भीगे तौलिये से मालिश भी कर सकते हैं। अगर शरीर मे कहीं मोच आ जाए तो दूसरे दिन से गर्म पानी मे डालकर सेंकने से लाभ होता है।

प्रसव के बाद बढ़ा हुआ पेट ठीक हो जाता है। मोटे रोगीयों, गठिया और जोड़ों के दर्द और सूजन के लिए गर्म पानी का सेवन बहुत लाभप्रद है इससे मूत्र अधिक मात्रा में आकर यूरिक अम्ल और विषैले पदार्थ शरीर के बाहर निकल जाते हैं। शरीर से विषैले पदार्थ निकल जाते हैं। गैस नहीं बनती, कब्ज नहीं रहता, पेट अच्छे से साफ होता है। मल आंतों में नही सड़ता, पेट मे कीड़े नही बनते हैं।

आमाशय और अंतड़ियों की कमजोरी, पेट फूलना, आमाशय की सूजन, पेचिश जैसी बीमारियां नष्ट हो जाती है यकृत को शक्ति प्राप्त होती है। औरत की मासिक धर्म की अनियमितता दूर होती है। आंखों के डार्क सर्कल, चेहरे का भद्दापन दूर होकर रंग साफ होता है। कमर सुंदर बनती है।

अल्कलाइन पानी  क्या है ?
अल्कलाइन पानी एक ऐसा जल है जो आपके शरीर में से ऐसे विषैले पदार्थ(toxins) जो शरीर में रहकर बीमारियाँ पैदा करते हैं उन्हें बाहर निकाल देता है वैज्ञानिकों के अनुसार कम से कम 7 से 8 गिलास अल्कलाइन पानी रोज पिए तो आप हमेशा स्वथ्य बने रहेंगे।  




नोट:
दी गयी जानकारी अनेक सोर्स पर आधारित है। इन उपायों को करने से पहले डॉक्टरी सलाह अवश्य लें।


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Tuesday, 3 July 2018

अपना आत्मविश्वास और एकाग्रता कैसे बढ़ाएं? नितंबों की चर्बी कैसे घटाए?

अपना आत्मविश्वास और एकाग्रता बढ़ाने, नितंबों की चर्बी घटाने के लिए, रीढ़ की हड्डी की सक्रियता बढ़ाने, मन शांत रखने और पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए बहुत ही आसान उपाय है, विश्वामित्र आसान।

विश्वामित्र आसन के लाभ:


  • एकाग्रता बढ़ती है। आपका आत्मविश्वास मजबूत होता है।
  • विभिन्न अंगो में एक तरह का सामंजस्य स्थापित होता है।
  • इस आसन से आपका शरीर बलशाली बनता है। ऊपरी हिस्से, कलाई सियाटिका नर्व और पैरों को विशेष मजबूती मिलती है।
  • रीढ़ की सक्रियता बढ़ती है। मन शांत होता है।
  • पाचन शक्ति और भी अच्छी होती है। नितंबो पर संचित वसा घटती है।

Vishvamitr aasan benefits, precautions, process



विश्वामित्र आसान की सावधानियां:


  • कलाई, कंधे, और हैमस्ट्रिंग इंजरी मतलब मांसपेशियों में खिंचाव और कमर के निचले हिस्से में अगर दर्द हो तो इस आसन को न करें।
  • हाई ब्लड प्रेशर वाले इस आसन को न करें। 

विश्वामित्र आसन के लाभ, विधि, हानियां


विश्वामित्र आसान को करने की विधि:


खड़े होकर दोनो हाथों को सिर के ऊपर ले जाते हुए नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं। दोनो हाथों की भुजायें दोनो कानो से सटी रहे। अब आगे की ओर झुकते हुए दोनो हाथों की हथेलियों को जमीन पर टिका दें। फिर सांस छोड़ते हुए दोनों पैरों को पीछे की ओर ले जाये जिससे शरीर का भार हथेलियों और पैर के पंजों के अगले हिस्से पर आ जाए। इसप्रकार अधोमुख श्वनासन कि स्थिति बन जाएगी।

Adhomukh swaanasan pose


कुछ सेकेंड बाद सांस भरकर उसे रोक लें और दायाँ पैर मोड़कर दांयी बांह के पीछे टिका दें। सांस छोड़ते हुए बाए पैर से जमीन को दबाये रखते हुए दाहिने पैर को दाहिनी भुजा के पीछे से ऊपर हवा में फैल जाने दें। बायें हाथ को ऊपर की ओर उठाएं ताकि वह दाहिने हाथ के समानांतर आ जाएं। नज़र बाएं हथेली की तरफ ही रखें। इस अवस्था मे सामान्य रूप से सांस ले।


वापस आने के लिए अंतिम अवस्था मे करीब  15 सेकेंड रुकने के बाद सांस छोड़ते हुए पहले बाये हाथ को नीचे करे। फिर दायें पैर को नीचे करते हुए धीरे धीरे पीछे ले जाएं जिससे शरीर शरीर का भार हथेलियों और पैर के पंजो पर आ जाये। फिर पैर और हाथों को पास रखते हुए खड़े हो जाए। फिर पहले दोनों हाथों को ताड़ासन की मुद्रा में ले जाएं और कुछ सेकंड बाद दोनों हाथ नीचे कर विश्राम करें। फिर यही प्रक्रिया दूसरे पैर से भी दोहराएं।


Disclaimer: This information is based on web research and other different sources.



Friday, 22 June 2018

21जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया गया

21जून को फिर एक बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया गया। योगासन भारत को विरासत में मिला है। भारत के प्राचीन ऋषि मुनि जंगलों में जाकर गुफाओं में एकांत स्थान पर तपस्या करते थे। अपने आप को फिट रखने और सालों साल जीने के लिए योग भी करते थे जो हम किताबों में भी पढ़ते आ रहें हैं।

Learn about International Yoga Day


लेकिन बदलते समय के साथ जहाँ टेक्नोलॉजी में बदलाव आया है लोग पुरानी चीजो को छोड़कर नए दौर के माध्यमों का जहां लाभ लेने में जुटे हैं वहीं योगासन एक ऐसी कला है जो आप को जीवन देती है आपको बीमारियों से दूर रखती है।

Naukaasan by bollywood actress Sunny Leone


आपके शरीर मे घातक से घातक बीमारियों को बिना किसी दवा और न कोई पैसा खर्च किये हुए जड़ से उखाड़ फेकती है। यही वजह है जो भारत की इस विरासत को पूरी दुनिया ने अपना लिया है। यदि आप भारतीय है तो आपको इस बात से गर्व होगा।



यदि आप भारत के बाहर रहते हैं तो भारत की इस कला या टेक्नोलॉजी से आप जरूर खुद में एक प्राउड फील करते होंगे।

अगर आप भारतीय नही भी है तब भी आपको इस कला को अपनाने में कोई हिचकिचाहट महसूस नही होगी क्योंकि यह कला सम्पूर्ण मानव जाति को जीवन देती है आपकी आयु बढ़ाती है।

Yogasan by Jaqueline Fernandez



 दुनिया मे जहाँ एक तरफ नई बीमारियां पैदा हो रही हैं जिनका इलाज ढूंढने में वैज्ञानिको भी कभी कभी समय लग जाता है। योगासन एक रामबाण तरीका है सभी रोगों को दूर करने का तभी तो देश के हर उम्र के व्यक्ति योगासन करने में लग गए हैं। लेकिन अगर किसी आसान को करने में आपको तकलीफ होती है तो आप उसे जबरदस्ती न करें।



योगासन करते समय कुछ सावधानियां भी बरतनी पड़ती है नही तो आपको परेशानी भी हो सकती है इसलिए किसी भी योग को करने से पहले एक्सपर्ट से सलाह अवश्य ले फिर योग करें जिससे हमेशा आपको योगासन का सही फायदा मिले। योगासन करने और योगासन का प्रचार करने में इन दिनों बहुत से लोग लग गए हैं बहुत से लोगों ने अपनी आय का स्रोत भी बना लिया है जगह जगह स्कूल भी खुल गए हैं।



बच्चे भी योग से प्रभावित हो रहे हैं ऐसे में यदि आपने अब तक योग को नही अपनाया है तो जरूर अपनाए क्योंकि यह आपको फिट भी रखता है शरीर को हर तरह के खतरों से बचाता है। आपकी आयु बढ़ाता है। 21जून ही नही आपका हर एक दिन योग दिवस होना चाहिए। साल का केवल एक दिन ही नही हर दिन योग दिवस होना चाहिए अगर आप योगासन अपनाते हैं तो आपको इसका फायदा कुछ ही दिनों में दिखने लगेगा।



21जून2018 को योग दिवस के मौके पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही नहीं बल्कि सभी बड़े लोग योगा कर हमें यह संदेश देते हैं कि आप अपने लिए भी पूरे दिन में से थोड़ा सा समय निकालें।

योग करें। तनाव दूर करें। निर्णय लेने का सही चुनाव करे अपने हर एक कार्य मे सफल हो। योग आपके जीवन की सभी परेशानियों का एक बहुत अच्छा इलाज है।
21जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है।



इस बार 21जून 2018 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जे मौके पर बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी एक वीडियो के माध्यम से सभी को कुछ टिप्स बताए हैं। योग दिवस के मौके पर कंगना रानौत ने लंदन से युवाओं को कुछ टिप्स दिए हैं।



कंगना ने बताया है कि कैसे आप खुद को शारिरिक रूप से चुस्त दुरुस्त रख सकते हैं। कंगना इन दिनों लंदन में हैं और एकता कपूर की कंपनी की नई फिल्म मेन्टल है क्या की शूटिंग कर रही हैं।



कंगना ने लंदन के सेंट्रल पार्क में योग दिवस के लिए यह वीडियो तैयार किया है। उनकी टीम के मुताबिक अपने व्यस्त शेड्यूल के बाद भी वह हर रोज़ कम से कम 30 मिनट योगा करती हैं लंदन में तो उन्होने अपनी फिल्म की पूरी यूनिट को भी योगा टिप्स दिए और बाकी लोग भी उनके साथ योग करने लगे।



कंगना के अलावा बॉलीवुड के अन्य कई कलाकार खास तौर से अभिनेत्रियां जैकलीन फर्नान्डिस, शिल्पा शेट्टी, दिया मिर्जा, दीपिका पादुकोण बहुत से कलाकार खुद को खूबसूरत और फिट रखने के लिए योगा टिप्स देते रहते हैं तो अगर आप योग नही करते तो आज से शुरुआत करें और फिट और रोगमुक्त रहना सीखें।



योग करें और दूसरों को भी सिखाएं जिससे मानव जाति का कल्याण हो। आपको भी पुण्य मिले और एक अलग ही खुशी मिले। अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और मानव जाति के कल्याण का हिस्सा बने।
सोर्स गूगल, यूट्यूब

Saturday, 12 May 2018

सेतुबंध आसान के लाभ, हानियाँ और उसकी विधि


इसे शीर्ष पादासन और ब्रीज पोज़ भी कहते हैं इसमें शरीर की आकृति किसी फ्लाईओवर जैसी बनाकर सांस रोकनी होती है। पूर्वोत्तानासन, भुजंगासन और शलभासन के अभ्यास से सेतुबंधासन करना एकदम आसान हो जाता है इसी आशंका है इसी आसान का एक रूप कंधरासन है।

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सेतुबंध आसान के लाभ


  • घंटों बैठकर काम करने से जो पीठ दर्द और कमर दर्द की जो समस्या आती है ऐसे दर्द के लिए आसन बहुत अच्छा है।
  • इस आसन से कब्ज समाप्त होता है
  • गर्दन के रोग दूर होते हैं।
  • फेफड़े मजबूत होते हैं।
  • रीढ़ लचीली, रोगमुक्त होती है पीठ की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं।
  • मासिक धर्म से होने वाली परेशानियों में राहत मिलती है।
  • दमा, स्लिप डिस्क, साइनोसाइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या में राहत मिलती हैN।
  • दिमाग के लिए अच्छा है मूड बदलने, चिंता सिर दर्द, भारीपन, थकान और अनिद्रा की समस्या दूर करने में मदद मिलती है।
  • नितंबों और जांघों की चर्बी कम होती है साथ ही जांघों और पैरों को मजबूती मिलती है।
  • तंत्रिका तंत्र,  पिट्यूटरी और थायराइड ग्रंथि को पर्याप्त रक्त मिलता है इस कारण उनकी कार्यप्रणाली सुचारु रुप से संचालित होती है इसी तरह थायराइड के साइड इफेक्ट में कमी आती है।



सावधानियां

  • इस आसन को खाली पेट करना चाहिए। 
  • पहली बार यह आसन करने पर शरीर के बीच के हिस्से को ऊपर उठाने में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में हाथों को सिर के पीछे रख कर सहारा देकर ऊपर उठाएं अगर इससे भी आपको परेशानी हो रही हो तो कमर के नीचे हाथ लगाकर सहारा दें। ऐसी स्थिति में आप की ठुड्डी आपके सीने पर स्पर्श कर रही होगी इस अभ्यास में निपुणता के बाद ही हाथों को नाभि और जांघों पर रखना संभव होगा यदि सिर के नीचे हथेली न रख रहे हो तो कोई दरी बिछा लें। शरीर का संतुलन बनाए रखें और शरीर को झटका न दे। 
  • हाई ब्लड प्रेशर, पेट के अल्सर, पीठ से जुड़ी परेशानियों में यह आसन न करें।
  • गर्भवती महिलाओं के लिए यह आसन मना है।

Setubanasan loss, benefits and pricess


सेतुबंध आसन की विधि

दोनों पैरों के बीच लगभग 10 इंच की दूरी बनाकर शवासन में लेटे। सांस भरते हुए पहले कमर के निचले हिस्से,  फिर पीठ के बीच वाले भाग और अंत में सबसे ऊपरी हिस्से को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। फिर दोनों हाथों से नमस्कार की मुद्रा बनाएं। अगर यह संभव न हो तो आप हथेलियों को नाभि या जांघों के ऊपर भी रख सकते हैं। इस दौरान दोनों जांघे परस्पर सटी हों और पंजे और एड़ियां भी जमीन से सटी रहें। इस अवस्था मे सांस भरते हुए उसे जब तक रोक सकते हैं रोकें। फिर सांस छोड़ते हुए पहले पीठ उसके बाद कमर को नीचे लाते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं।

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Thursday, 7 December 2017

खाँसी, गले की खराश दूर करने के आसान उपाय


हर मौसम में खाँसी, गले की खराश और सर्दी जैसी बीमारियाँ पकड़ लेना आम बात है इससे गले में दर्द और सूजन आ जाती है,जिससे आप आफिस में या काम के समय काफी परेशानियों का सामना करते है और अगर आप किसी ऐसी जगह हैं जहां  दूर दूर तक मेडिकल स्टोर और डॉक्टर के क्लीनिक नही हैं तो आपको काफी परेशानी होती है इसके तुरंत उपचार के लिए आसान समाधान आपके घर पर ही मौजूद है जो दिला सकते है आप को गले की खराश और खाँसी से राहत नीचे बताये गए आसान उपायों को पढ़े और अपने जीवन मे लागू करें

नमक के गुनगुने पानी से गरारे


अगर गले में खराश लग रही है तो नमक के गुनगुने पानी से गरारे करना सबसे पुराना और सरल उपाय माना जाता है.नमक एंटी-बैक्टीरियल होता है, जिससे गले की खराश को आसानी से दूर किया जा सकता है.1/4 नमक की चम्मच को गुनगुने पानी में डालकर उसके दिन में 3 से 4 बार गरारे करने से गले की खराश से राहत पाया जा सकता है।

हर्बल चाय



चाय का प्रयोग हमारी थकान और भूख मिटाने के लिए होता है तो कभी मूड अच्छा करने के लिए होता है तो कभी दोस्तों के साथ गप्पे मारने के समय खास रोल निभाती है और ज्यादा चाय का सेवन कभी कभी डायबिटीज जैसी बीमारियां भी दे जाता है लेकिन हर्बल चाय जैसे घरेलू नुस्खे आपके काफी काम आते हैं और इस बारे में बहुत कम लोग जानते हैं डॉ. वसंत लैड द्वारा लिखित'आयुर्वेदिक होम रेमिडीज'बुक में कहा गया है कि अदरक,दालचीनी,लीकोरिस को एक गिलास पानी में 5 से 10 मिनट मिलाने के बाद उसके मिश्रण को दिन में तीन बार पीने से गले में हुई खराश से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।


लहसुन द्वारा खाँसी और खराश का उपचार


लहसुन जो रोज़ हमारे खान पान की चीजों में उपयोग होता है आसानी से मार्किट में मिल जाता है जिसकी कोई खास कीमत भी नही है इन दिनों आप लहसुन को इस्तेमाल करके खांसी और खराश जैसी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं लहसुन में सल्फर आधारित योगिक एलेसिन पाया जाता है, जो बैक्टीरिया को खत्म करता हैलहसुन का  एक पीस गाल और दांतो के बीच दबाकर टॉफी की तरह चूसने से गले की खराश और खांसी से राहत पाई जा सकती है।

हल्दी का दूध द्वारा उपचार


प्राचीन काल से हल्दी अनेक तरह की चोटों और अनेक बीमारियों के लिए रामबाण औषधि रही है और जब हल्दी के साथ दूध मिल जाता है तो यह औषधि शरीर की अनेक घाव को भरने का काम करती है अपनी दादी नानी द्वारा दिए गए नुस्खों में हल्दी दूध हमेशा अपनी पहली जगह बनाएगा गले की खराश से राहत पाने के लिए दूध में हल्दी मिलाकर पीने की प्रक्रिया प्राचीन भारत से चली आ रही है. हल्दी का दूध पीने से आपके गले में खराश से हुई सूजन और दर्द दोनों से आसानी से राहत पाई जा सकती है आयुर्वेद में हल्दी के दूध को प्राकृतिक एंटीबायोटिक के नाम से भी जाना जाता है इसके अलावा हल्दी दूध ऐसी चमत्कारी औषधि है जो आपके शरीर मे अंदरुनी चोटों को भर देती है और बहुत सी बीमारियों से छुटकारा दिलाती है शरीर मे चोट लग जाने पर या खून जम जाने पर डॉक्टर भी हल्दी दूध का सेवन करने को बोलते हैं तो क्यों हम भागे अंग्रेजी दवाईओं के पीछे अगर हल्दी दूध से काम चल सकता है तो यह रामबाण औषधि कभी मत भूलना।

सेब के सिरके द्वारा बलगम का उपचार


सेब का सिरका एक तरह का एसिड होता है जो गले की खराश से जन्में बैक्टीरिया को खत्म करताहै इसके साथ-साथ ये बलगम का भी निवारण करता है एक चम्मच एप्पल विनेगर को अपनी हर्बल चाय में मिलाकर पीने से और एक चम्मच विनेगर को ही पानी में मिलाकर गरारे करने से बलगम से छुटकारा पाया जा सकता है तो क्यों न हम सेब को कच्चा खाने के साथ साथ सिरका बनाकर भी प्रयोग में लाये और सर्दियों के समय मे आसानी से पकड़ने वाली बीमारी से राहत पाए।

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Saturday, 2 December 2017

अल्कलाइन पानी क्या है, और यह हमारे शरीर के लिए क्यों आवश्यक है



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अल्कलाइन पानी  क्या है 
अल्कलाइन पानी एक ऐसा जल है जो आपके शरीर में से ऐसे विषैले पदार्थ(toxins) जो शरीर में रहकर बीमारियाँ पैदा करते हैं उन्हें बाहर निकाल देता है वैज्ञानिकों के अनुसार कम से कम 7 से 8 गिलास अल्कलाइन पानी रोज पिए तो आप हमेशा स्वथ्य बने रहेंगे।  
Learn What is Alkaline Water? and their Benefits?


शरीर में बीमारियों के आने का मुख्य कारण

हम रोज बिना कुछ सोचे समझे तमाम तरह की चीज़ें खाते हैं, जाने अनजाने में ऐसी जगह पर भी जाते है जहाँ वायु प्रदूषण बहुत ज्यादा होता है जिसकी वजह से हमारे शरीर में हमारी सांसो द्वारा ऐसे कण प्रवेश करते हैं जो हमारे शरीर को प्रदूषित करते हैंऔर हमारे शरीर की कोशिकयों अम्लीयता(acidic level) को बढ़ाते हैं जिसकी वजह से हमारे शरीर में अनेक तरह की बीमारियाँ होने की संभावनाए बढ़ जाती हैं। जैसे धुम्रपान, चाय, काफी, शराब, बीअर आदि का सेवन हमारे शरीर में शुगर और एल्कोहल की मात्रा बढ़ा देता है। बटर, चीस(chees) और मांसाहारी खाना भी आपके शरीर में अम्लीयता(acidic level) को बढ़ावा देता है। जब शरीर में acidic level बढ़ जाता है तो शरीर में कार्यरत कोशिकाओ पर इसका असर पड़ता है और शरीर में तनाव एवं अन्य तरह की बीमारियाँ अपनी जगह बनाना शुरू कर देती हैं अल्कलाइन पानी शरीर में acidic level को व्यवस्थित करता है और रोगों से मुक्त भी करता है इसलिए अल्कलाइन पानी जरुर पिए और स्वथ्य रहें।

प्रदुषण और हमारे खान पान द्वारा तमाम तरह के स्रोतों से हमारे शरीर में प्रवेश करने वाले बैक्टीरिया एवं अन्य सूक्ष्म कण जो हमारे शरीर की कोशिकाओ की व्यवस्था(Immune System) को बिगाड़ता है अल्कलाइन पानी उनसे हमें सुरक्षित करता है। यह एक ऐसा यन्त्र है या दवा है जिसे हमारा शरीर आसानी से अवशोषित कर सकता है जिसे लेने में हमें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती। जो हमारे शरीर में आने वाली बीमारियों से डटकर मुकाबला करता है और हमें सुरक्षित रखता है।


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मोटापा कम करने का आसान उपाय  

ऐसे लोगों के लिए जिनका वजन जरुरत से ज्यादा है उनके लिए अल्कलाइन पानी बहुत उपयोगी है आज के दौर में जब हम घर के बाहर निकलते हैं तो रास्तों पर और मार्किट में तरह तरह के फ़ास्ट फ़ूड की दुकाने मिलती हैं और उन छोटे स्टाल या माल्स में अगर ऐसे फ़ास्ट फ़ूड की फोटो देखकर या खुशबू से हमारा मन बहक जाता है तो यह स्वाभाविक है क्यूंकि हम रोज़ घर की दाल, चावल, सब्जी, रोटी नहीं खा सकते हैं हमें हमेशा कुछ बदलाव चाहिए होता है इसलिए हम फ़ास्ट फ़ूड खा लेते हैं जिसकी वजह से शरीर में मोटापा और अन्य तरह की बीमारियाँ आने की सम्भावना बढ़ जाती है, अल्कलाइन पानी मोटापा दूर करने का एक मात्र आसान उपाय है यह शरीर से अतिरिक्त वसा को मूत्र या पसीने के रूप में निकाल देता है यह शरीर के रोग क्षमता(immune system) को बढ़ाता है और शरीर में व्यर्थ/विषैले पदार्थ(Toxins) को  निकाल देता है जिसकी वजह से शरीर में बीमारियाँ जमा नही हो पाती हैं।

ब्लड प्रेशर की परेशानी दूर करने का आसान उपाय

अल्कलाइन पानी आपके शरीर की आतंरिक गतिविधियों को और अच्छा बनाते हैं इस पानी में स्थित मिनिरल्स और अन्य तत्व आपके शरीर में खूनी प्रवाह(blood circulation)  को व्यवस्थित करते हैं जिससे ब्लड प्रेशर की परेशानी भी नहीं होती है। 

डायबिटीस दूर करने का आसान उपाय

बचपन में सभी को मीठा खाने का बहुत शौक होता है और फिर उम्र बढ़ने के साथ भी हम मीठा खाने में अपने ऊपर रोक नहीं लगा पाते। चाकलेट, टाॅफी, चाय, काॅफी, आईसक्रीम, सॉफ्टड्रिंक, केक, जलेबी, रसगुल्ले, लड्डू जैसी मिठाईयाँ खाने में हम पीछे नहीं हटते फिर उम्र के बढ़ते पड़ाव के साथ एक समय ऐसा आता है कि शरीर में डायबिटीस ने अपनी जगह बना ली होती है और फिर हम मीठे का कुछ अंश भी खाने के लायक नहीं रह जाते इसलिए समझदारी इसी में है कि आप अपने बच्चों को ज्यादा मीठा न खाने दे जिससे उन्हें भविष्य में ऐसी कोई परेशानी न हो और जिन्हें ऐसी बीमारी हो गयी है वह अल्कलाइन पानी पिए और स्वथ्य बने। अल्कलाइन पानी शरीर में शुगर के स्तर को व्यवस्थित कर डायबिटीस जैसी बड़ी बीमारियों से मुक्ति दिलाने में काफी हद तक मदद करता है। 


तनाव दूर करने का उपाय

आपके शरीर में अगर तनाव बढ़ता है तो ज्यादा पानी पिए, योगाभ्यास करे और हरी सब्जियां और फल खाए जो आपके शरीर से तनाव को कम करेगा। अगर इतनी सारी चीजे करने के लिए आपके पास समय नहीं है तो अल्कलाइन पानी पिए।

कैंसर दूर करने में सहायक 

अल्कलाइन पानी कैंसर रोग से लड़ने में मुख्य भूमिका निभाता है अनेक अमेरिका के डॉक्टरों द्वारा कई कैंसर मरीजों को जब अल्कलाइन पानी कुछ महीनो तक पिलाया गया तो काफी सुधार पाया गया। हम अच्छा या ख़राब जो भी खाते हैं। अल्कलाइन पानी हमारे शरीर के अम्लीय तत्वों को उदासीन बनाकर रखता है और पानी के PH(Power of Hydrogen) लेवल को व्यवस्थित करता है जिससे शरीर में रोग इकट्ठा होने के संभावनाए काफी कम हो जाती हैं।



अल्कलाइन वाटर प्यूरीफायर में पैसा खर्च करना एक समझदारी का सौदा है यह आपकी जिंदगी में इस्तेमाल हो रहे दुसरे प्रोडक्ट से काफी सस्ता है यह एक ऐसा प्रोडक्ट है जो आपको और आपके परिवार को अस्पताल के छोटे से लेकर बड़े खर्चों से दूर रखेगा। गंभीर बीमारियों से आप हमेशा सुरक्षित रहेंगे।

अगर आपके आस पास कोई इस तरह की गंभीर बीमारियों से पीड़ित है तो उन्हें अल्कलाइन पानी की जानकारी अवश्य दे और अगर आप अल्कलाइन वाटर प्यूरीफायर इस्तेमाल करते हैं तो ऐसे रोगियों को अल्कलाइन पानी देकर उनकी मदद करे उन्हें रोग मुक्त बनाये और बदले में उनकी दुआएं और उनका आशीर्वाद ले। अल्कलाइन पानी कोई प्यूरीफायर वाटर नहीं बल्कि कैंसर, डायबिटीस, मोटापा, ब्लड प्रेसर की बीमारियों से पीड़ित रोगियों के लिए एक दवा है इसके अलावा अन्य बहुत सी बीमारियों को दूर करने में सहायक है इसलिए आज से ही अल्कलाइन पानी पीने की शुरुआत करे और रोगमुक्त रहें।

यह आपके साल में होने वाले दवाईंयों के खर्च, पैक्ड पानी खरीदने के खर्च, डॉक्टर्स की फीस के खर्च की तुलना में किया गया एक मुश्त इन्वेस्टमेंट है जो आपको काफी मददगार साबित होगा आपकी जिंदगी के अन्य खर्चों की तुलना में यह एक ऐसा इन्वेस्टमेंट है जो आपको निरोगी और हमेशा यंग बनाकर रखेगा आपकी तेज़ी से बढ़ती उम्र की रफ्तार को कम कर देगा और एक अलग सा आत्मविश्वास जगाएगा। 

यह जानकारी शिक्षा की दृष्टि से दी गयी है जो कि ऑफलाइन एवं ऑनलाइन सोर्स पर आधारित है। इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।



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By Sandeep Kumar Sunder
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Wednesday, 29 November 2017

घरेलु नुस्खो द्वारा इलाज

खांसी दूर करने के उपाय (केले द्वारा)
केले के छिलके को छाँव में सुखा ले फिर सूखे हुए केले के छिलके को तवे पर गरम कर ले और फिर उसे बारीक पीस ले शहद के साथ सुबह शाम लेने से पुरानी से पुरानी खांसी दूर हो जाएगी।



जीभ या मुंह के छालों को दूर करने के उपाय (केले द्वारा)
जीभ या मुंह पर छाले पड़ने पर गाय के दूध की दही के साथ केला कुछ दिन खाने पर छाले दूर हो जायेंगे।



द्रष्टि बढ़ाने और स्मरण शक्ति बढ़ाने के उपाय (बादाम, मिश्री, सौंप द्वारा)
बादाम की गिरी, मिश्री, सौंप 150 ग्राम की मात्रा में लेकर एक साथ पीस ले और रोज रात को 10 ग्राम की मात्र लेकर 250 ग्राम दूध के साथ 40 दिन सेवन करे। द्रष्टि बढ़ाने के साथ साथ स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए भी बढ़िया उपाय है।

पेट की गैस दूर करने के उपाय (सेब द्वारा)
एक मीठा सेब लेकर उसमे 10 ग्राम लौंग चुभो दे। 10 दिनों बाद 1 लौंग रोजाना पानी से खाए। चावल व बादी की चीजे न खाए।



पुराना सिर दर्द दूर करने के उपाय (सेब द्वारा)
एक मीठा सेब काटकर नमक लगाकर सुबह खाली पेट चबाकर 15 दिनो तक लगातार खाने से पुराना सिर दर्द दूर हो जाता है।



सूखी खांसी दूर करने के उपाय (अंगूर द्वारा)
बादाम की गिरी, मुलहठी, बीज निकले मुनक्का को एक साथ मिलाकर बारीक पीसकर सूखे मटर के बराबर छोटी गोलियां बनाये और दो-दो गोली करके दिन में चार बार मुंह में रखकर चुसे। सूखी खांसी से राहत मिलेगी।



पेशाब का बार बार आना रोकने के उपाय (अनार द्वारा)
अनार का छिलका बारीक पीसकर 4 ग्राम की मात्रा में पानी के साथ दिन में दो बार लेने से पेशाब का बार बार आना सही हो जायेगा। इस इलाज को दस दिनो तक करे। चावल न खाए।




सर्दी जुखाम दूर करने के उपाय (तुलसी द्वारा)
तुलसी दल के रस में अदरक का रस मिलाकर 2 चम्मच की मात्रा लेकर चाटने से आराम मिलेगा।



By Sandeep Kumar Sunder
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