Saturday, 7 March 2020

नेत्र रोग और नेत्र रोग को दूर करने के उपाय तथा आंखों से चश्मा कैसे उतारे

नमस्कार दोस्तों आंखें हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं यह ईश्वर का दिया हुआ वह वरदान है  जिसके बिना हमारा जीवन अधूरा है अगर किसी वजह से हम इसे गंवा दें या फिर इसकी सही देखभाल नहीं कर पाते हैं तो हमारा बाकी जीवन व्यर्थ हो जाता है या अंधेरे में चला जाता है। तो जब इतनी कीमती हैं हमारी आंखें तो क्यों ना हम इसकी देखभाल अच्छे से करें और इसका बेहतर ख्याल रखे हैजैसे अपनी सभी कीमती चीजों का बेहतर खयाल रखते हैं।



आंखों की रोशनी हम कैसे बढ़ाए 

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए हम बादाम, चने का साग गाजर का रस या पालक का रस पी सकते हैं जो हमारे शरीर को काफी सहायता प्रदान करेंगे। भोजन के बाद लघु शंका करके पानी से आंखों पर छीटें मारना आंखों के लिए बहुत लाभदायक होता है रोजाना आवला खाएं और उसके पानी से आंखों को धोएं। रोज सुबह हरी घास पर चलें। नींबू का रस अथवा त्रिफला से आंखे धोने पर अगर आपकी आंखों में मोतियाबिंद की शुरुआत हो रही है तो वह पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

आँख आने पर आप इसका इलाज कैसे करें

तीन-चार दिन का फलाहार, साथ में एक दो बार अनिमा और दो बार आंखों तथा पेट पर गीली मिट्टी की पट्टी करें। त्रिफला के पानी से आंखें धोए। दिन में चार-पांच बार लोशन डालें जिससे आपकी आंख आना बंद हो जाएगी।

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आंखों के लिए लोशन कैसे बनाएं?

आंखों के लिए लोशन बनाने के लिए आप 10 ग्राम गुलाब जल ले और उसमें 10 ताजे नींबू का रस और शहद की 10 बूंदें डालें और इन तीनों को अच्छी तरह मिलाकर कांच की शीशी में रख लें इसे 5 से 6 बूंदे दिन में तीन बार ड्रापर से डालें जिससे आंखों की रोशनी बढ़ेगी। हर 3 दिन के बाद एक नया लोशन बनाकर कांच की शीशी में रखें और उसका इस्तेमाल करें। जिससे आपकी आंखों में काफी प्रभाव देखने को मिलेगा आंखों की रोशनी बढ़ने लगेगी

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आंखों में जलन आंखों में दर्द

दोस्तों अगर आपकी आंखों में जलन हो या दर्द हो रही हो तो कच्चे आलू को छीलकर उसे पीसकर उसकी टिकिया बनाकर आंखों पर बांधे। आंवले का रस निकालकर उसे छानकर  उसकी तीन-चार बूंदे आंखों में डालने से आंखों का दर्द सही हो जाता है।

रतोंधी रोग कैसे दूर करें

प्याज का रस या अदरक का रस आंखों में टपकाएं या फिर रात को सोते समय शहद को काजल की तरह आंखों में लगाने से रतोंधी रोग में काफी फायदा मिलेगा।

इसके अलावा आपको किसी भी तरह का कोई भी नेत्र रोग हो तो आप प्रतिदिन सुबह गाय के ताज़े मूत्र की 2-3 बूंदे चालीस दिनों  तक अपनी आंखों में डालें। जिससे आपकी आंखों का दर्द, खुजली एवं अन्य कई तरह के रोग दूर हो सकते हैं। आँखों से चश्मा भी हट सकता है। दोस्तों नेत्र रोग में नमक मना होता है।

दोस्तों  नेत्र रोग को दूर करने का देसी इलाज इस लेख में है लेकिन किसी भी जानकारी को अपने जीवन में उपयोग करने से पहले एक बार चिकित्सक की सलाह अवश्य लें यह जानकारी शिक्षा की दृष्टि से  आपको दी गई है। यह जानकारी  ऑनलाइन  अथवा ऑफलाइन  सोर्सेस पर  आधारित है,धन्यवाद।

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Sunday, 26 January 2020

कोरोना वायरस के कारण कोरोना वायरस के लक्षण और कोरोना वायरस से बचाव

 नमस्कार दोस्तों आज हम बात करेंगे कोरोना वायरस  के बारे में। दोस्तों कोरोना वायरस की खोज 1960 में हुई थी और अब तक 6 प्रजातियों के बारे में पता लगाया गया था लेकिन दिसंबर 2019 से जिस कोरोना वायरस के शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई है वह एक नई प्रजाति का कोरोना वायरस है या आप कह सकते हैं की यह सातवीं प्रजाति का कोरोनावायरस है।

कोरोना वायरस का कारण

कोरोना वायरस का कारण जानवरों से जुड़ा हुआ है जो लोग जानवरों के मांस खाते हैं या जानवरों के संपर्क में रहते हैं उनको इस वायरस से खतरा ज्यादा है आमतौर पर यह वायरस जानवरों में फैलता था लेकिन जानवरों का मांस खाने की वजह से इंसानों में भी कोरोना वायरस फैल चुका है। जिन लोगों को कोरोनावायरस की बीमारी है आप उनसे बचने के लिए ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखें। मास्क का इस्तेमाल करें।




 कोरोना वायरस के कारण

अब तक हुई रिसर्च के मुताबिक कोरोना वायरस कुछ वैज्ञानिकों ने बताया है कि यह चूहों, चमगादड़ से या इसके अलावा सांपों से कोरोना वायरस फैला है कुछ वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना वायरस चमगादड़ से सांपों में आया और सांपों से इंसानों में यह वायरस फैला है। चीन में रहने वाले लोग ज्यादातर मांसाहारी हैं और वह लोग हर तरह के जानवर को खाते हैं चाहे चमगादड़ हो मछली या इसके अलावा सांप। जिस वजह से चीन से कोरोना वायरस की शुरुआत हुई है चीन में अब तक लगभग 41 लोगों की मौत हो चुकी है और 1300 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। इस कोरोना वायरस का पूरा नाम ह्यूमन कोरोनावायरस है। इंटरनेशनल मीडिया के मुताबिक चीन के 1 शहर के नॉनवेज मार्केट से इस कोरोनावायरस की शुरुआत हुई है। दिसंबर 2019 से इसकी शुरुआत हुई। चीन में होने वाले नए साल की छुट्टियों में लोग चीन से बाहर जाते हैं और कुछ लोग चीन में छुट्टियां बिताने के लिए आते हैं लेकिन इस वायरस के चलते वहां की गवर्नमेंट ने यात्रियों के आने-जाने पर रोक लगा दी है बस सर्विस, मार्केट सभी चीजों को बंद कर दिया है स्कूल-कॉलेज भी बंद हो चुके हैं और लोगों को मशवरा दिया जा रहा है कि जहां तक हो सके वह अपने घर में रहें।  घर से बाहर न निकले और ऐसे लोगों से दूर रहें जो इस संक्रमण का शिकार हैं।




कोरोना वायरस के लक्षण
खांसी आना, गले में खराश होना, बुखार आना, नाक बहना निमोनिया जैसी बीमारी होना, सिर दर्द होना, शरीर मे थकावट महसूस होना, अस्थमा का बिगड़ना या सांस फूलना इस तरह की दिक्कत है तो यह कोरोना वायरस के लक्षण है आप तुरंत इसकी जांच के लिए अस्पताल में संपर्क करें।

कोरोना वायरस अब तक चीन, जापान, दक्षिण कोरिया थाईलैंड, ताइवान, वियतनाम, अमेरिका और सिंगापुर जैसे देशों में फैल चुका है ज्यादातर देशों में बाहर से आने वाले यात्रियों की मेडिकल जांच की जा रही है इसके अलावा भारत में भी कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, कोच्चि, बैंगलोर, चेन्नई एयरपोर्ट पर थर्मल स्कैनर लगाए गए हैं देश में बाहर से आने वाले यात्रियों की मेडिकल जांच हो रही है इस बात का पता किया जा रहा है कि उन्हें कोरोना वायरस तो नहीं। सऊदी अरब में  100 केरल की नर्सों की जांच की गई है जहाँ पर एक नर्स को कोरोना वायरस से संक्रमित बताया गया है।



कोरोना वायरस से बचाव के उपाय

कोरोना वायरस से बचने के लिए आप कुछ बचाव कर सकते हैं आप समुंद्री जीव को ना खाएं या जिन्हें आप सी फुड कहते हैं आप उस खाने को न खाएं और मीट मार्केट जहां पर मांस बिकता है ऐसी मार्केट पर न जाएं इसके अलावा अगर आपको खांसी या छींक आती है तो मुंह ढक कर ही खाँसे या छींके हैं और साबुन से हाथ बार बार धोएं। अब आधा पका या कच्चा मांस न खाएं और ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखें जो इस संक्रमण से या कोरोना वायरस से प्रभावित हैं और मुंह पर मास्क लगाए रहे हैं जिससे आप प्रभावित ना हो। इसके अलावा आप अगर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या फिर ज्यादा भीड़ वाली जगह या ऐसी जगह जहां पर आपका ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क होता है ऐसी जगह पर सावधानी बरतें। मास्क लगाकर ही रहें। जिससे आप कोरोना वायरस से संक्रमित नही होंगे।
इसके अलावा आपका कोई सुझाव हो तो कमेंट सेंक्शन में जरूर लिखें।

Tuesday, 15 January 2019

मोटापा कैसे बढ़ाएं?




मोटापा कैसे बढ़ाएं?

अगर आपका शरीर काफी पतला है। आप खुद को फिट बनाना चाहते हैं लेकिन तरह तरह की चीजें खाने के बाद भी आप मोटे नही हो पा रहे हैं तो गाजर और सेब को पानी से साफ करके बराबर मात्रा में कद्दूकस कर लें फिर से दोपहर भोजन के बाद खाने से आपकी यह समस्या धीरे धीरे दूर हो जाएगी।



अगर आपका वजन कम हो रहा हो या आपको आपके शरीर में कमजोरी का अनुभव हो रहा है तो इससे आपको बेहतर लाभ मिल सकता है। इस उपाय को अपनी डाइट में जरूर लाएं  जिससे आपको इसका अच्छा लाभ मिल सके। आप खुद को फिट बना पाये।

अनार द्वारा मोटापा कैसे बढाएं?

अनार शरीर मे खून को बढ़ाता है। इससे आपके शरीर की त्वचा भी चिकनी बनती है। ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और शरीर मोटा होता है।



मक्खन द्वारा मोटापा कैसे बढ़ाएं?

मोटापा मतलब अपना वजन बढ़ाने के लिए हमे ऐसा भोजन करना चाहिए जो चर्बी बढ़ाने में सहायक हो, मक्खन एक ऐसा पदार्थ है जिसमें चिकनाई काफी मात्रा में पाई जाती है जो वजन बढ़ाने में सहायक है। अगर आप मक्खन का सेवन अपने भोजन में उचित मात्रा में करते हैं तो बहुत ही आसानी से न सिर्फ अपने शरीर की चर्बी बढ़ाकर अपना वजन बढ़ा सकते हैं बल्कि आप अपनी लंबाई भी बढ़ा सकते हैं।



घी और शक्कर द्वरा अपना वजन कैसे बढ़ाएं?

घी और शक्कर मिलाकर खाने से शरीर की चर्बी बढ़ती है जिससे आपका मोटापा बढ़ता है।


मुनक्का द्वारा मोटापा कैसे बढ़ाये?

एक गिलास दूध में 15 ग्राम मुनक्का बीज डालकर उबाल लें फिर ठंडा करके( हल्का गर्म पीने लायक) एक चम्मच देसी घी और 3 चम्मच शहद डालकर पीयें। इस विधि से आप अपना वजन आसानी से बढ़ा सकते हैं।

Wednesday, 8 August 2018

अपनी त्वचा को प्राकृतिक रूप से और भी आकर्षक कैसे बनायें रखें?

How Can You Be More Beautiful, How Can Make Your Lips More Beautiful? How Can You Remove Hair From Your Face? Learn in Hindi...

घरेलू नुस्खों द्वारा अपनी त्वचा को खूबसूरत कैसे बनायें? अपने चेहरे का रंग कैसे साफ करें? होंठो की खूबसूरती कैसे बढ़ाएं? चेहरे पर अनावश्यक बाल कैसे दूर करें? 10 आसान तरीकों से अपनी त्वचा को गोरा कैसे बनायें? घरेलू नुस्खों द्वारा मुहासों से छुटकारा कैसे पाएं? अपने चेहरे के दाग धब्बे कैसे हटायें? धूप से झुलसी त्वचा को कैसे निखारे? ज्यादातर इस तरह के सवाल आपके दिमाग मे घूमते हैं। जब आप खूबसूरत त्वचा पाना चाहते हैं।

लोग इसके लिए पार्लर जाते हैं काफी खर्च करते हैं। इंटरनेट पर सर्च भी करते हैं कि कोई आसान तरीका मिल जाए जिससे खर्च भी कम हो और आपकी त्वचा भी खूबसूरत बने। हमारे पास कुछ आसान उपाय हैं जिससे आपकी यह इच्छा पूरी हो सकती है और कोई नुकसान भी नही होगा। आप घर बैठे कई आसान तरीकों से अपनी त्वचा और चेहरे को खूबसूरत बना सकते हैं और आकर्षक चेहरा पा सकते हैं।

घरेलू नुस्खों द्वारा अपनी त्वचा को खूबसूरत कैसे बनायें?



1) दूध द्वारा चेहरे की खूबसूरती का ईलाज:

चेहरे पर झाँई, कील, मुहासे, दाग-धब्बे दूर करने के लिए पहले हल्का गर्म दूध चेहरे पर मले, चेहरा धोयें।  आधे घंटे बाद साफ  पानी से चेहरा धोयें इससे आपका चेहरा सुंदर होगा। चेहरे के धब्बों पर दूध के झाग मलने से धब्बे मिट जाते हैं। सोते समय चेहरे पर मलाई लगाने से भी कील, झांईयां खत्म हो जाती हैं।
बतासे पीसकर आधा चम्मच बतासे के पाउडर में जरा सा दूध मिलाकर गूथ लें। फिर इस गाढ़े पेस्ट को चेहरे पर लगायें। इससे चेहरे के दाग, धब्बे, चकत्ते, मुहासों के निशान पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।
सूखी त्वचा पर दूध की मलाई लगाएं। जहां झुर्रियां पड़ गयी हों वहां गरम दूध की मालिश करें। दूध में नींबू निचोड़कर, फाड़कर, जमे हुए दूध के टुकड़ों से मालिश करने से चेहरे का रंग साफ होता है। पूरे शरीर पर अगर इस विधि से बनाये गए दूध से मालिश की जाए तो पूरे शरीर का रंग साफ होगा। दाग धब्बे मिटाने के लिए पूरे 10 मिनट तक मालिश करें।
कच्चा दूध और पानी बराबर मात्रा में लस्सी की तरह मिलाकर पीने से मुहासों के दाग को दूर किया जा सकता है।
चार चम्मच बेसन दूध में गूथकर, एक नींबू निचोड़कर चेहरे पर रोज़ एक महीने तक मलने से चेहरा साफ हो जायेगा।


होंठो की खूबसूरती कैसे बढ़ाएं? 

एक चम्मच कच्चे दूध में जरा सा केसर पीसकर होंठो की मालिश करने से होंठो का कालापन दूर हो जाता है और होंठो की कांति बढ़ती है।

चेहरे पर अनावश्यक बाल कैसे दूर करें?

पाँच चम्मच बिना छिलके वाली चने और मसूर की दाल तथा एक चम्मच पिसी हुई हल्दी डालकर दूध में भिगो दें। सुबह इस डाल को पीसकर रोज चेहरे पर मलें।
अगर रक्तविकार हो तो कच्चे दूध की लस्सी रोज पीने से कुछ दिनों में चेहरे के बाल उड़ जाएंगे और आपका चेहरा खूबसूरत बनेगा।




2) लौकी द्वारा ईलाज:

लौकी के ताजा छिलके पीसकर चेहरे पर मलें या लौकी का गुदा रगड़ने पर चेहरा सुंदर हो जाएगा।
मुहासे का ईलाज:
मुहासे के काले दागों पर गुदा रगड़ने से काले दाग मिट जाते हैं।


3) मसूर की दाल से चेहरे की खूबसूरती कैसे बढ़ाएं?

मसूर की दाल इतने पानी मे भिगोएं की वह पानी को पूरी तरह सोखकर फूल जाए। फिर उसे पीसकर दूध में मिलाकर सुबह शाम दो बार चेहरे पर मले। रात को सोते समय जायफल और काली मिर्च दोनों कच्चे दूध में पीसकर चेहरे पर लगाएं।

चेहरे के दाग दूर करने के उपाय:

तरबूज के बीज की मींगी( पंसारी की दुकान पर उपलब्ध होगी) और मसूर की दाल बराबर मात्रा में दूध डालकर पीसकर चेहरे पर रात को लेप लगाएं। इस विधि को लंबे समय तक इस्तेमाल करने से चेचक, दाग, गहरे गड्ढे साफ हो जाएंगे और आपका चेहरा खूबसूरत बनेगा।
चार चम्मच मसूर की दाल दो घंटे भिगो कर बरगद के पेड़ की कोमल नई नई चार पांच पत्तियां दोनो को महीन पीसकर पेस्ट बनाकर लेप करें और तीन घंटे बाद चेहरा धोएं। इस विधि को रोज दो सप्ताह तक करने पर चेहरे के धब्बे, झांईयां ठीक हो जाएंगी।


4) बेसन द्वारा चेहरे की खूबसूरती कैसे बढ़ाएं?

बेसन से चेहरा धोने से झांईयां खत्म होती है। चेहरा सुंदर बनता है। धूप से त्वचा झुलसने, तेज़ धूप, गर्मी, लू से त्वचा की रक्षा करने के लिए बेसन को दूध या दही में मिलाकर गाढ़ा लेप बना लें। इसे सुबह शाम 30 मिनट चेहरे पर लगा रहने दें इससे आपके की त्वचा और चेहरे की खूबसूरती बढ़ेगी।
चने की भीगी हुई दाल को पीसकर उसमें हल्दी और कुछ बूंदे सरसों या किसी अन्य तेल की डालकर उबटन बनाकर लगाने से आपके त्वचा की खूबसूरती बढ़ती है।



आठ चम्मच बेसन, पांच चम्मच दही, तीन चम्मच हल्दी इन सबको मिलाकर गूथ लें। इस पेस्ट को चेहरे, हाथ और गले पर मले। अगर पूरा शरीर खूबसूरत बनाना हो तो पूरे शरीर पर मले। फिर कुछ देर बाद स्नान कर लें। इस पेस्ट से शरीर को पौष्टिक तत्व मिल जाते हैं। इस विधि के द्वारा आप अपने शरीर की झुर्रियां कम करके खुद को कम उम्र का बना सकते हैं मतलब एजिंग प्रॉब्लम को दूर कर सकते हैं।
त्वचा का कालापन कैसे दूर करें?
12 चम्मच बेसन, 3 चम्मच दूध या दही और थोड़ा सा पानी मिलाकर चेहरे और गले पर मले फिर पूरे शरीर पर मालिश करें फिर 10 मिनट के बाद बिना साबुन के नहा लें। आपके शरीर का कालापन धीरे धीरे समाप्त हो जाएगा।
रात को आधा कप चने की दाल गर्म दूध में भिगो लें। सुबह दाल पीसकर एक चम्मच हल्दी, एक चम्मच दूध की मलाई तथा 10 बूंद गुलाबजल मिलाकर उबटन की तरह शरीर पर मालिश करें। इस विधि से आप अपनी साँवली त्वचा को आसानी से खूबसूरत बना सकते हैं।


5) मटर द्वारा अपना चेहरा खूबसूरत कैसे बनाएं? 

मटर को उबाल कर उसे पीसकर अपने चेहरे या पूरे शरीर पर लगाने पर आपका रंग गोरा हो जाएगा।



6) जौ का आटा और दूध की मलाई द्वारा अपनी त्वचा खूबसूरत कैसे बनायें? 

जौ का आटा और दूध की मलाई चेहरे का कालापन दूर करती है इसलिए जौ के आटे में आटे का चौथाई भाग मलाई मिलाकर थोड़ा सा पानी डालकर पेस्ट बना लें। फिर उस पेस्ट को शरीर पर लगाने से आपकी त्वचा खूबसूरत बनती है।



7) आलू द्वारा अपनी त्वचा खूबसूरत कैसे बनाएं?

आलू का रस आपकी त्वचा को निखारने के लिए बहुत फायदेमंद चीज है। आलू में पोटेशियम, सल्फर और क्लोरीन पाया जाता है जो कि आपके चेहरे और त्वचा का रंग निखारने में काफी सहायक है। आलू को काटकर उसके टुकड़ो से या आलू का रस निकालकर अपनी त्वचा की या चेहरे की मालिश करें और फिर अपनी त्वचा को धो लें। आपकी त्वचा खूबसूरत बनेगी।


8) खीरे द्वारा आपका चेहरा खूबसूरत कैसे बनायें?

खीरे के स्लाइस बनाकर कुछ देर तक कच्चे दूध में रखने के बाद चेहरे या पलको पर चिपकाने से रंग साफ होता है। धूप से ग्रसित त्वचा पर भी इस विधि को अपनाना काफी फायदेमंद है और आपकी त्वचा सुंदर बनेगी।


9) खीरा, नींबू और मूली द्वारा मुहांसों के निशान कैसे हटायें?

खीरा, नींबू और मूली का रस बराबर मात्रा में मिलाकर लगाने से मुहांसों के निशान जल्दी समाप्त हो जाते हैं।
एक चौथाई कप में खीरे का रस और उसी के बराबर दूध मिलाकर चेहरे और हाथों पर लगाने से आपके शरीर की त्वचा साफ हो जाती हैं।
1 बड़े चम्मच खीरा के रस में एक चौथाई चम्मच नींबू का रस और एक चुटकी हल्दी पाउडर मिलाकर लोशन बनाकर कुछ देर मालिश करें और फिर आधे घंटे बाद पानी से धो लें। यह विधि हर प्रकार की त्वचा के दाग धब्बे को समाप्त कर आपकी त्वचा को सुंदर बनाता है।
धूप के संपर्क में आने से आपके चेहरे और शरीर की त्वचा का रंग काला काला पड़ जाता है तो ऐसे में आप खीरा अथवा खीरे का रस लगाते हैं तो आपका रंग साफ हो जाता है।
ऊपर दी गयी जानकारी में से कुछ उपायों को मैन खुद इस्तेमाल किया है। जिससे काफी फायदा मिला है अगर आपको यह लगता है कि इन घरेलू नुस्खों से आप अपने शरीर और त्वचा को खूबसूरत बना सकते हैं। इन तरीकों से ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा मिल सकता है तो इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

नोट: यह जानकारी वेब रिसर्च एवं अन्य सोर्स पर आधारित है। हमारा उद्देश्य समाज कल्याण करना है। इन उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टरी सलाह अवश्य लें।


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Monday, 9 July 2018

पानी का सही इस्तेमाल करके हम स्वस्थ कैसे रहें?

पानी कब पियें? पानी कब न पीयें? पानी कितना पीना चाहिए? पानी कब अधिक पीये? पानी कैसे पीयें? पानी को शुद्ध करने का आसान तरीका क्या है? आईये इस लेख में जाने और पानी द्वारा प्राकृतिक चिकित्सा का लाभ उठायें।


मनुष्य के शरीर में लगभग 75% पानी है। हमारे शरीर मे हरदिन लगभग 2600 ग्राम पानी खर्च होता है। गुर्दे से 1500 ग्राम, त्वचा से 650 ग्राम, फेफड़ो से 320 ग्राम और मल मार्ग से 130 ग्राम, जिसकी पूर्ति भोजन में रहने वाले जल से होती है। शरीर मे पानी का संतुलन बनाये रखने के लिए हरदिन कम से कम 2.5 लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए। पानी कभी एक साथ नही पीना चाहिए। पानी हमेशा धीरे और घूँट-घूँट पीना चाहिए। जिससे पानी शरीर के तापमान के अनुसार पेट मे पहुंचे।


पानी को शुद्ध करने का आसान तरीका:
पानी को शुद्ध बनाये रखने के लिए उसमे तुलसी के पत्ते डालकर रखें। तुलसी में बहुत से ऐसे गुण होते हैं जो पानी को शुद्ध बनाये रखने में मदद करता है।

 
पानी कब पियें?
भोजन से पहले पानी पीने से पाचन शक्ति कम हो जाती है, शरीर पतला हो जाता है। भोजन के बीच मे 5-6 घूँट पानी पीने से भोजन जल्दी पचता है। भोजन के तुरंत बाद पानी पीने से शरीर फूलने लगता है जिससे मोटापा होने की संभावना ज्यादा हो जाती है। शरीर मे पाचन क्रिया और शक्ति कम हो जाती है। भोजन के एक घंटे बाद पानी पीने से अमाशय को शक्ति मिलती है। जिन्हें दस्त ज्यादा आते हैं उन्हें भोजन करते समय पानी नही पीना चाहिए।

पानी कब न पीयें?
गर्म भोजन, खीरा, खरबूजा, ककड़ी खाने के बाद, सोकर उठने के तुरंत बाद चाहे दिन हो या रात, दस्त हो जाने के बाद, दूध या चाय लेने के बाद, धूप से आने के तुरंत बाद पानी नही पीना चाहिए।

पानी कितना पीना चाहिए?
हमे कम से कम आठ लीटर पानी पीना चाहिए। डॉक्टरों के मुताबिक अगर आप पानी पीने की सही मात्रा जानना चाहते हैं तो अपने शरीर के वजन को 0.55 से गुणा करने पर जो भी माप आएगी पानी की वही मात्रा आपके लिए अच्छी है। अगर आप शारिरिक मेहनत ज्यादा करते हैं तो 0.66 से गुणा करने पर आए मापदंड का पानी आपके लिए अच्छा है।बीमारी के समय भी पानी पीना चाहिए। जिससे आपके शरीर मे ठंडक पहुंचे और शरीर के सभी सिस्टम सही काम करे।

पानी कब अधिक पीये?
हाई ब्लड प्रेशर, लू लगने पर, पेशाब की बीमारी, बुखार, हृदय की धड़कन, कब्ज, पेट की जलन जैसे रोगों में पानी अधिक पीये।

पानी कैसे पीयें?

ग्लास त बर्तन को मुंह से लगाकर ही पानी पीना चाहिए। ऊपर से सीधा मुंह मे डालना पानी पीने का सही तरीका नही है इससे पेट मे बीमारियों की संभावना बनी रहती है। बिना मुंह लगाए ऊपर से पानी पीने से पेट मे मुंह से लेकर गुदा द्वार तक के आहार नली में वायुदोष मतलब गैस बनती है और वायु ऊपर उठकर बद हजमी, खट्टी डकार, अपच, जी मचलाने जैसी बीमारियां हो जाती हैं। ग्लास को मुंह से लगाकर पानी को हमेशा घूँट घूँट कर ही पीना चाहिए जिससे अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है।


नोट:
दी गयी जानकारी अनेक सोर्स पर आधारित है। इन उपायों को करने से पहले डॉक्टरी सलाह अवश्य लें।


पानी का सही इस्तेमाल करके स्वयं को स्वस्थ कैसे बनायें?

पानी कब पियें? पानी कब न पीयें? पानी कितना पीना चाहिए? पानी कब अधिक पीये? पानी कैसे पीयें? पानी को शुद्ध करने का आसान तरीका क्या है? आईये इस लेख में जाने और पानी द्वारा प्राकृतिक चिकित्सा का लाभ उठायें।
Learn how water can help us to be healthy.


मनुष्य के शरीर में लगभग 75% पानी है। हमारे शरीर मे हरदिन लगभग 2600 ग्राम पानी खर्च होता है। गुर्दे से 1500 ग्राम, त्वचा से 650 ग्राम, फेफड़ो से 320 ग्राम और मल मार्ग से 130 ग्राम, जिसकी पूर्ति भोजन में रहने वाले जल से होती है। शरीर मे पानी का संतुलन बनाये रखने के लिए हरदिन कम से कम 2.5 लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए। पानी कभी एक साथ नही पीना चाहिए। पानी हमेशा धीरे और घूँट-घूँट पीना चाहिए। जिससे पानी शरीर के तापमान के अनुसार पेट मे पहुंचे।

Learn how much water we need to drink.



पानी को शुद्ध करने का आसान तरीका:
पानी को शुद्ध बनाये रखने के लिए उसमे तुलसी के पत्ते डालकर रखें। तुलसी में बहुत से ऐसे गुण होते हैं जो पानी को शुद्ध बनाये रखने में मदद करता है।

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पानी कब पियें?
भोजन से पहले पानी पीने से पाचन शक्ति कम हो जाती है, शरीर पतला हो जाता है। भोजन के बीच मे 5-6 घूँट पानी पीने से भोजन जल्दी पचता है। भोजन के तुरंत बाद पानी पीने से शरीर फूलने लगता है जिससे मोटापा होने की संभावना ज्यादा हो जाती है। शरीर मे पाचन क्रिया और शक्ति कम हो जाती है। भोजन के एक घंटे बाद पानी पीने से अमाशय को शक्ति मिलती है। जिन्हें दस्त ज्यादा आते हैं उन्हें भोजन करते समय पानी नही पीना चाहिए।

पानी कब न पीयें?
गर्म भोजन, खीरा, खरबूजा, ककड़ी खाने के बाद, सोकर उठने के तुरंत बाद चाहे दिन हो या रात, दस्त हो जाने के बाद, दूध या चाय लेने के बाद, धूप से आने के तुरंत बाद पानी नही पीना चाहिए।

पानी कितना पीना चाहिए?
हमे कम से कम आठ लीटर पानी पीना चाहिए। डॉक्टरों के मुताबिक अगर आप पानी पीने की सही मात्रा जानना चाहते हैं तो अपने शरीर के वजन को 0.55 से गुणा करने पर जो भी माप आएगी पानी की वही मात्रा आपके लिए अच्छी है। अगर आप शारिरिक मेहनत ज्यादा करते हैं तो 0.66 से गुणा करने पर आए मापदंड का पानी आपके लिए अच्छा है।बीमारी के समय भी पानी पीना चाहिए। जिससे आपके शरीर मे ठंडक पहुंचे और शरीर के सभी सिस्टम सही काम करे।

पानी कब अधिक पीये?
हाई ब्लड प्रेशर, लू लगने पर, पेशाब की बीमारी, बुखार, हृदय की धड़कन, कब्ज, पेट की जलन जैसे रोगों में पानी अधिक पीये।



पानी कैसे पीयें?

ग्लास त बर्तन को मुंह से लगाकर ही पानी पीना चाहिए। ऊपर से सीधा मुंह मे डालना पानी पीने का सही तरीका नही है इससे पेट मे बीमारियों की संभावना बनी रहती है। बिना मुंह लगाए ऊपर से पानी पीने से पेट मे मुंह से लेकर गुदा द्वार तक के आहार नली में वायुदोष मतलब गैस बनती है और वायु ऊपर उठकर बद हजमी, खट्टी डकार, अपच, जी मचलाने जैसी बीमारियां हो जाती हैं। ग्लास को मुंह से लगाकर पानी को हमेशा घूँट घूँट कर ही पीना चाहिए जिससे अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है।

How warm water will help us to improve our health.


गर्म पानी के लाभ

मोटापा घटाने, गैस, कब्ज, कोलाइटिस, एमोबायेसिस, कृमि, पसली का दर्द, जुखाम, गले के रोग, नया बुखार, खाँसी, हिचकी, चिकनी चीज़े, खाना खाने के बाद एक ग्लास गर्म पानी( जितना गर्म पी सके) लगातार पीते रहने से यह सभी रोग ठीक हो जाते हैं।

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सुबह लगभग आधा लीटर चाय जैसे गर्म पानी पीने खांसी, छींके, सरदर्द, बद हजमी,  जैसे रोगों से व्यक्ति सदा दूर रहता है। यदि गर्म पानी मे आधा नींबू का रस डाल दिया जाए तो समय पर भूख लगेगी। पेट मे गैस और सड़न भी नही होती।

मौसम बदलने पर गर्म पानी का सेवन और परहेजी खाना सबसे अच्छा उपचार है। छोटे बच्चों को गर्म पानी से भीगे तौलिये से मालिश भी कर सकते हैं। अगर शरीर मे कहीं मोच आ जाए तो दूसरे दिन से गर्म पानी मे डालकर सेंकने से लाभ होता है।

प्रसव के बाद बढ़ा हुआ पेट ठीक हो जाता है। मोटे रोगीयों, गठिया और जोड़ों के दर्द और सूजन के लिए गर्म पानी का सेवन बहुत लाभप्रद है इससे मूत्र अधिक मात्रा में आकर यूरिक अम्ल और विषैले पदार्थ शरीर के बाहर निकल जाते हैं। शरीर से विषैले पदार्थ निकल जाते हैं। गैस नहीं बनती, कब्ज नहीं रहता, पेट अच्छे से साफ होता है। मल आंतों में नही सड़ता, पेट मे कीड़े नही बनते हैं।

आमाशय और अंतड़ियों की कमजोरी, पेट फूलना, आमाशय की सूजन, पेचिश जैसी बीमारियां नष्ट हो जाती है यकृत को शक्ति प्राप्त होती है। औरत की मासिक धर्म की अनियमितता दूर होती है। आंखों के डार्क सर्कल, चेहरे का भद्दापन दूर होकर रंग साफ होता है। कमर सुंदर बनती है।

अल्कलाइन पानी  क्या है ?
अल्कलाइन पानी एक ऐसा जल है जो आपके शरीर में से ऐसे विषैले पदार्थ(toxins) जो शरीर में रहकर बीमारियाँ पैदा करते हैं उन्हें बाहर निकाल देता है वैज्ञानिकों के अनुसार कम से कम 7 से 8 गिलास अल्कलाइन पानी रोज पिए तो आप हमेशा स्वथ्य बने रहेंगे।  




नोट:
दी गयी जानकारी अनेक सोर्स पर आधारित है। इन उपायों को करने से पहले डॉक्टरी सलाह अवश्य लें।


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Tuesday, 3 July 2018

अपना आत्मविश्वास और एकाग्रता कैसे बढ़ाएं? नितंबों की चर्बी कैसे घटाए?

अपना आत्मविश्वास और एकाग्रता बढ़ाने, नितंबों की चर्बी घटाने के लिए, रीढ़ की हड्डी की सक्रियता बढ़ाने, मन शांत रखने और पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए बहुत ही आसान उपाय है, विश्वामित्र आसान।

विश्वामित्र आसन के लाभ:


  • एकाग्रता बढ़ती है। आपका आत्मविश्वास मजबूत होता है।
  • विभिन्न अंगो में एक तरह का सामंजस्य स्थापित होता है।
  • इस आसन से आपका शरीर बलशाली बनता है। ऊपरी हिस्से, कलाई सियाटिका नर्व और पैरों को विशेष मजबूती मिलती है।
  • रीढ़ की सक्रियता बढ़ती है। मन शांत होता है।
  • पाचन शक्ति और भी अच्छी होती है। नितंबो पर संचित वसा घटती है।

Vishvamitr aasan benefits, precautions, process



विश्वामित्र आसान की सावधानियां:


  • कलाई, कंधे, और हैमस्ट्रिंग इंजरी मतलब मांसपेशियों में खिंचाव और कमर के निचले हिस्से में अगर दर्द हो तो इस आसन को न करें।
  • हाई ब्लड प्रेशर वाले इस आसन को न करें। 

विश्वामित्र आसन के लाभ, विधि, हानियां


विश्वामित्र आसान को करने की विधि:


खड़े होकर दोनो हाथों को सिर के ऊपर ले जाते हुए नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं। दोनो हाथों की भुजायें दोनो कानो से सटी रहे। अब आगे की ओर झुकते हुए दोनो हाथों की हथेलियों को जमीन पर टिका दें। फिर सांस छोड़ते हुए दोनों पैरों को पीछे की ओर ले जाये जिससे शरीर का भार हथेलियों और पैर के पंजों के अगले हिस्से पर आ जाए। इसप्रकार अधोमुख श्वनासन कि स्थिति बन जाएगी।

Adhomukh swaanasan pose


कुछ सेकेंड बाद सांस भरकर उसे रोक लें और दायाँ पैर मोड़कर दांयी बांह के पीछे टिका दें। सांस छोड़ते हुए बाए पैर से जमीन को दबाये रखते हुए दाहिने पैर को दाहिनी भुजा के पीछे से ऊपर हवा में फैल जाने दें। बायें हाथ को ऊपर की ओर उठाएं ताकि वह दाहिने हाथ के समानांतर आ जाएं। नज़र बाएं हथेली की तरफ ही रखें। इस अवस्था मे सामान्य रूप से सांस ले।


वापस आने के लिए अंतिम अवस्था मे करीब  15 सेकेंड रुकने के बाद सांस छोड़ते हुए पहले बाये हाथ को नीचे करे। फिर दायें पैर को नीचे करते हुए धीरे धीरे पीछे ले जाएं जिससे शरीर शरीर का भार हथेलियों और पैर के पंजो पर आ जाये। फिर पैर और हाथों को पास रखते हुए खड़े हो जाए। फिर पहले दोनों हाथों को ताड़ासन की मुद्रा में ले जाएं और कुछ सेकंड बाद दोनों हाथ नीचे कर विश्राम करें। फिर यही प्रक्रिया दूसरे पैर से भी दोहराएं।


Disclaimer: This information is based on web research and other different sources.